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Showing posts from January, 2016

ईमी डायरी 4, जब रोहित ने पूछा पसंदीदा लड़की का नाम

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तब  ईमी में मेरा लगभग चार से पांच महीना बीत गया था। कुछ अच्छे मित्र भी बन गए थे पहचान तो लगभग सभी से हो गई थी। दिसंबर की कोई तारीख रही होगी। हम कुछ मित्र लंच के बाद क्लास में बैठ कर आपस में कुछ बातें कर रहे थे। कि अचानक रोहित पांडे ने एक सवाल मेरे उपर पर दाग दिया। शंभू तुम क्लास में किस लड़की को पसंद करते हो। उस समय हमलोगों के साथ दो-तीन लड़कियां भी थी। अचानक यह सवाल सुनकर एक पल को तो मैं बिलकुल घबरा गया। सभी की निगाहें मुझे घूरने लगी। बताओ शंभू बताओ घबराओ नहीं मुझे परेशान देखकर रोहित ने बोला।हालाकि किसी दिल्ली वाले के लिए यह बेहद ही सामान्य सवाल था लेकिन मैं एक पल को पूरी तरह असहज हो गया था| किसी तरह हिम्मत जुटा कर बोल दिया कि सभी अच्छी लगती है। एक ठहाके के साथ अगला सवाल एक बार फिर दागा गया कि नहीं सबसे ज्यादा अच्छी कौन लगती है? रोहित उस दिन इंडायरेक्टली मुझसे यह जानना चाह रहा था कि हर किसी के दिल मे किसी का ख्याल रहता है तो आखिर मेरी आंखें क्लास के किस लड़की से चार होना चाह रही है। उसके जुवां से निकलने वाले हर लफ्ज मेरी परेशानी में इजाफा कर रही थी।  मुझे शर्माता देख रोहित ...

नीतीश के नेतृत्व में बिहार की आधी आबादी भर रही है उड़ान

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बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की चाहे जितनी आलोचना कर लें कि वे सत्ता के भूखे हैं, लालची हैं, मौकापरस्त हैं। लालू के साथ मिलकर बिहार को एक बार फिर से जंगलराज में धकेल दिए हैं। कुर्सी की लालच में दो नौसिखिए को अहम मंत्रालय का जिम्मा सौंप दिए हैं आदि आदि। लेकिन इन सब से परे एक सच्चाई यह भी है कि नीतीश कुमार के शासनकाल में बिहार विकास का एक नया पैमाना गढ़ा है और इन आंकड़ों को झुठलाया नहीं जा सकता है। विकास के इन्हीं अहम कार्यों में से एक है राज्य की आधी आबादी को आर्थिक और सामाजिक रूप से सशक्त बनाना। उन्हें एक नई पहचान देना। नीतीश कुमार पिछले एक दशक में महिलाओं को ध्यान में रख कर कई ऐसी योजनाएं लाए हैं जिसका लाभ राज्य की महिलाओं को मिल रहा है।  राज्य सरकार का हालिया निर्णय ‘राज्य के सरकारी नौकरियों में महिलाओं के लिए 35 फीसदी आरक्षण’ भी उसी में एक है। इससे न केवल राज्य में सामाजिक और आर्थिक रूप से पिछड़ी महिलाओं को सशक्त होने में मदद मिलेगा बल्कि सरकारी दफ्तरों में महिलाओं की उपस्थिति भी बढ़ेगी। मौजूदा समय में राज्य के सरकारी दफतरों में महिला कर्मचारियों की उपस्थिति मात्र 9 फ...