ईमी डायरी 4, जब रोहित ने पूछा पसंदीदा लड़की का नाम
तब ईमी में मेरा लगभग चार से पांच महीना बीत गया था। कुछ अच्छे मित्र भी बन गए थे पहचान तो लगभग सभी से हो गई थी। दिसंबर की कोई तारीख रही होगी। हम कुछ मित्र लंच के बाद क्लास में बैठ कर आपस में कुछ बातें कर रहे थे। कि अचानक रोहित पांडे ने एक सवाल मेरे उपर पर दाग दिया। शंभू तुम क्लास में किस लड़की को पसंद करते हो। उस समय हमलोगों के साथ दो-तीन लड़कियां भी थी। अचानक यह सवाल सुनकर एक पल को तो मैं बिलकुल घबरा गया। सभी की निगाहें मुझे घूरने लगी। बताओ शंभू बताओ घबराओ नहीं मुझे परेशान देखकर रोहित ने बोला।हालाकि किसी दिल्ली वाले के लिए यह बेहद ही सामान्य सवाल था लेकिन मैं एक पल को पूरी तरह असहज हो गया था| किसी तरह हिम्मत जुटा कर बोल दिया कि सभी अच्छी लगती है। एक ठहाके के साथ अगला सवाल एक बार फिर दागा गया कि नहीं सबसे ज्यादा अच्छी कौन लगती है? रोहित उस दिन इंडायरेक्टली मुझसे यह जानना चाह रहा था कि हर किसी के दिल मे किसी का ख्याल रहता है तो आखिर मेरी आंखें क्लास के किस लड़की से चार होना चाह रही है। उसके जुवां से निकलने वाले हर लफ्ज मेरी परेशानी में इजाफा कर रही थी। मुझे शर्माता देख रोहित ...