मुख्यमंत्री जी, मोरहाबादी की खूबसूरती पर यूं दाग न लगने दीजिए...
माननीय मुख्यमंत्री, झारखंड, सर, जोहार। आपको ढ़ेर सारी बधाई। एक पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष के रूप में राज्यसभा चुनाव में जीत की। बेटे के रूप में पिता के राज्यसभा पहुंचने के लिए। फादर्स डे से दो रोज पहले एक बेटा अपने पिता को इससे बेहतर उपहार और क्या दे सकता है। झारखंड के निर्माता गुरुजी एक बार फिर से ऊपरी सदन में झारखंडवासियों की आवाज बनेंगे। मैं जानता हूं मुबारकवाद रूपी संदेश और देने वालों का तांता लगा होगा आपके पास। बावजूद इसके हिम्मत किया हूं। आपके नाम का ये खत केवल मुबारकबाद देने भर के लिए नहीं लिख रहा। ये खत शहर के कोने से प्यार करने वाले प्रवासी की एक चिंता है। शनिवार की शाम इसी बागीचे में अपने मित्र के साथ थे। दो साल सात महीने पहले बोकारो से रांची पहुंचा था। तब लालपुर और कोकर के अलावा इस शहर की किसी गली का नाम नहीं जानता था। दफ्तर के सीनियर ने एक-एक गली का मार्गदर्शन कराया। उन्होंने मुझे शहर के हर उस राह का पता बताया जहां से मुझे खबर मिल सकती थी। इससे इतर कुछ ठिकाने और कोने खुद तलाशा। ये कोना मेरे लिए सुकून था। सुख था। एक अजनबी शहर में मेरे लिए उल्लास...