राष्ट्रवादी पार्टी में लाल बिंदी वाली वो नेत्री...
सुषमा जी नहीं रहीं। यह यकीन कर पाना उतना ही कठिन है जितना दो विधान दो निशान जी रहे लोगों को यह स्वीकार कर पाना कि अनुच्छेद 370 अब इतिहास हो गया है। चौड़े पाड़े वाली साड़ी, माथे पर सिन्दूर और ललाट पर बड़ी सी लाल बिंदी वाली वह नेत्री नहीं दिखेंगी। देश के सबसे बड़े पंचायत में गूंजने वाला वह कर्णप्रिय आवाज हमेशा के लिए शांत हो गया। कितना मुश्किल है न इसे यकीन कर पाना। मैम जब आप आखिरी बार यूएन में संबोधित कर रही थी तब लग रहा था कि हमारे गांव के बीच की ही कोई चाची, काकी, ताई दीदी डायस से पाकिस्तान को उसी की भाषा में जवाब दे रहीं हों। आपने यूनाइटेड नेशंस को भी उसी शालीनता से फटकार लगाई थी। दुनिया के सबसे बड़े प्लेटफॉर्म पर भी आपने अपना वही लिबास धारण किया था जो आप देश के सबसे छोटी जगह की रैली में पहनती हैं। एक बार मेरी एक दोस्त से इस बात पर बहस हो गई थी कि बिंदी तो फेमनिज्म की निशनी है। अक्सरहां उन्हीं शहरी महिलाओं को बड़ी बिंदी में देखा जाता ...