आषाढ़ में हेमंत का आना भगवा पार्टी के कार्तिक को खराब कर सकता है...
हेमंत सोरेन जेल यात्रा से लौट आए हैं। रांची में एक बार फिर से नारा गूंजा... जेल का ताला टूट गया.. हमेंत सोरेन छूट गया। इस नारे की असली टीस कहीं सुनाई दे रही होगी तो वो हरमू रोड स्थित श्याम प्रसाद मुखर्जी भवन है। ये कत्तई नहीं कह रहा कि हेमंत सोरेन को जेल भेजने के पीछे बीजेपी की साजिश थी। लेकिन आज जो हाईकोर्ट ने टिप्पणी की है, इसका सीधा लाभ हेमंत सोरेन को सूबे में 4 महीने बाद होने वाले चुनाव में मिलेगा। हाई कोर्ट ने सोरेन को जमानत मंजूर करने के बाद अपनी टिप्पणी में कहा है कि हेमंत सोरेन के मनी लॉन्ड्रिंग केस में शामिल होने के कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। वे प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA)एक्ट के तहत जमानत की शर्तों को पूरा करते हैं। हेमंत सोरेन ने साफ संदेश दिया है कि उनका परिवार उनके साथ एकजुट है। जेल जाने का फायदा हेमंत सोरेन की पार्टी को लोकसभा चुनाव में मिला। पार्टी एक सीट से तीन सीट पर पहुंच गई। अब बाहर आने का फायदा विधानसभा चुनाव में मिलना तय है। हेमंत सोरेन के जेल में रहने के दौरान इनके राह की जितनी मुश्किलें थीं उसका समाधान पहले ही...