अनाथ हो गया आम आदमी लगभग पांच दशक तक लगातार टाईम्स ऑफ इंडिया के पहले पेज पर धारीदार जैकेट,धोती और गोल चश्मा पहने जिस आम आदमी का इंतजार समूचा देश हर सुबह किया करता था, वह आज अनाथ हो गया। आम आदमी के इस किरदार को अमर बनाने वाले मशहुर व्यंग्य चित्रकार रासीपुरम कृष्णास्वामी लक्ष्मण यानि आर के लक्ष्मण 94 वर्ष की आयु में आज हमेशा के लिए अपने आम आदमी और उसे चाहने वाले को अलविदा कह गये। आर.के.लक्षमण अपने इस आम आदमी के माध्यम से समाज में फैली कुरितियों, लोगों के रोजमर्रा की मुश्किल भरी जिन्दगी, राजनीतिक विदूषकों और उनकी विचारधारा तथा सामाजिक मसलों पर उनकी मासूम सी टिप्पणियों ने लोकतंत्र में उसकी ताकत का अहसास कराया। आर के लक्षमण का यह आम आदमी सत्ता से दूरी बनाकर भी ऩेताओं पर बिना किसी दुर्भावना के निशाना साधने वाला एक ऐसा ख़ामोश आवाज़ बना जो बिना कुछ कहे नेताओं को उनके दायरे और वायदों का अहसास करा देता था। आर के लक्ष्मण का जन्म 1921 ई. को मैसूर के एक साधारण शिक्षक परिवार में हुआ था। वे 6 भाईयों में सबसे छोटे थे। लक्ष्म...