लीक
मार्च में अचानक ये औरत प्रकट होती है। अखबारों के पहले पन्ने पर करोड़ों का विज्ञापन देती हैं। फिर अचानक लापता हो जाती है। दो नाम छोड़ने के साथ एक ऐलान कर जाती है। नाम है पुष्पम प्रिया चौधरी और पलूरल्स। ऐलान कि ये भावी मुख्यमंत्री प्रत्यशी हैं। लोग एलईडी वाली लाइट लेकर इस महिला को तलाशने में जुट जाते हैं। देवी जी काले कपड़े में सोशल मीडिया पर अवतरित होती हैं। दो हैशटैग के साथ। #LetsOpenBihar और #30yearsoflockdown अखबार का विज्ञापन अंग्रेजी में था। मैडम खुदे विदेशन लग रहीं थी। लोगों के मन में इनको लेकर भारी आशंका थी। मैथिली, भोजपुरी और मगही में बतिया के बता दी कि खांटी बिहारन हैं। तब बिहारी जीन ने इनके सारे खानदान पर शोध कर लिया। किसी पुराने नेता जी की बेटी हैं। ये बेटी भले किसी पुराने नेता जी की हों। इनकी राजनीति और सोच दोनों नई है। यकीन मानिए पिछले चार महीने में बिहार की जो तस्वीर इन्होंने सोशल मीडिया पर दिखाई हैं कोई बिड़ले इतिहासकार ही बिहार के बारे में इतना जानते होंगे। यूपीएससी या बीपीएससी की तैयारी करने वाला भी बिहार को इतना नहीं पढ़ा होगा। मेरी बात पर यकीन न हो तो इनके टाइमलाइन पर...