ओमिक्रॉन है, हल्के में न लें
झारखंड के हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता के मुताबिक राज्य में अभी तक कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के एक भी मामले नहीं मिले है। मंत्री जी का तर्क जान लीजिए। एक महीने पहले जिस सैंपल को जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए उड़ीसा के लैब में भेजा गया था उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई है। इसी आधार पर राज्य में पिछले 4 दिन से रोज हजार से ज्यादा मिलने वाले मरीज को वे डेल्टा वैरिएंट के मान रहे हैं। झारखंड के हेल्थ मिनिस्टर बन्ना गुप्ता मंत्री हैं। क्या कीजिएगा। भूल जाते हैं कि अगर डेल्टा वैरिएंट के एक्टिव मरीजों की संख्या राज्य में 5 हजार से ज्यादा हो जाए तो हेल्थ सिस्टम का क्या हश्र हो सकता है। वो चंद महीने पहले के वे सारे मंजर भूल गए जब डेल्टा ने पूरे स्वास्थ्य महकमा को उल्टा कर के रख दिया था। दरअसल उनके पास इस बात का जवाब ही नहीं है कि राज्य में डेल्टा है कि ओमिक्रॉन पसर रहा है। क्योंकि इनके पास इसे जांचने की मशीन ही नहीं है। इस बीच रांची के राज हॉस्पिटल के 6 डॉक्टरों की टीम ने एक रिपोर्ट तैयार की है। ये टीम 10 दिन में रांची के 250 कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज व उनकी स्थिति का गहन अध्ययन कर दावा की ...