महेन्द्र सिंह धोनी
महेन्द्र सिंह धोनी एक ऐसा नाम जिसने अत्यंत ही कम समय में क्रिकेट के
हर ताज को भारत की दहलीज पर लाया, चाहे वो 20-20 विश्व-कप हो, एक दिनी विश्व-कप हो,
एशिया कप हो, या फिर टेस्ट की बादशाहत हो धोनी के नेतृत्व में सभी भारत के झोली
में आया। झारखंड के इस लाल ने कैप्टन कूल के नाम से विश्व क्रिकेट में अपनी एक अलग
पहचान बनाई, जिसे कभी भी गुस्सा नहीं आता, वो चेहरे पर एक ही भाव लिये पवेलियन
वापस आता है, चाहे वो मैच जीता हो या हारा हो, जीतने के बाद बस एक फर्क होता है,
वो है मिडिल स्टंप का धोनी के हाथ में होना। आज समूचा विश्व धोनी को धुआंधार फिनिसर
मानता है, उनके हेलिकॉप्टर शॉट्स की तो बात ही निराली है। किन्तु भारत के इस कैप्टन
कूल ने बड़े ही शांत भाव से आहिस्ता से टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह दिया।
90 टेस्ट मैच खेलने वाले इस खिलाड़ी ने एक पल को भी ये नहीं सोचा कि
यदि 10 मैच और खेल लेता तो टेस्ट क्रिकेट
में 100 मैच खेलने का आंकड़ा अपने नाम कर लेता। शायद महानता इसे ही कहते हैं। 90
टेस्ट मैचों में नंबर 4 या 5 पर बल्लेबाजी करते हुए धोनी ने 06 शतक और 33 अर्द्धशतक
के सहारे 4876 रन बटोरे। विकेटकिपींग में अपनी छाप छोड़ते हुए धोनी ने 256 कैच
विकेट के पीछे लपके और 38 बल्लेबाजों को अपने स्टंप का शिकार बनाया। भारतीय क्रिकेट
में अपने आप में एक नया कीर्तिमान है।
इन सब आंकड़ों के
अलावा धोनी ने एक दीपक जलाया, एक उम्मीद की किरण दिखाई उन शहरों के बच्चों को जो
अपने सपनों का गला इसलिए घोंट देते थे क्यूँकि वो एक छोटे से शहर के मध्यम परिवार
से हैं। वो टेलीविजन पर क्रिकेटरों को मैच खेलता देख ये सोचते थे कि ये तो
बड़े-बड़े लोगों के बेटे होंगे। किन्तु धोनी ने उनके उन सारे भ्रमों को तोड़कर
उन्हें यह विश्वास दिलाया कि अगर आपके अन्दर हुनर है, कुछ कर दिखाने का जुनून और जज्बा
है तो दुनिया की कोई भी ताकत को आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती, गरीबी और
क्षेत्रीयता तो कतई भी आपके राह का रोड़ा नहीं बन सकती। वर्ना देखिए न मैकॉम नामक
एक कंपनी में मामूली कर्मचारी का बेटा आज विश्व क्रिकेट में अपने बूते पर अपनी एक
अलग पहचान बनाई। न सिर्फ अपनी बल्कि विश्व में अपने गृह राज्य झारखंड को एक पहचान
दिलाया,जिसका नाम तक लोगों ने नहीं सुना था।
कभी रेलवे में मामूली 300 रूपये रोजाना पर
टी.सी. का कार्य करने वाले धोनी आज 10 करोड़ सालना कर अदा करते हैं। एक अनुमान के
मुताबिक धोनी की सलाना आय 200 करोड़ है। इन सब के अलावा झारखंड की मिट्टी के लाल
के व्यवहार में तनिक सा भी परिवर्तन नहीं आया। आज भी ये अपने दोस्तों के लिए वही
माही है, जैसा वो एक दशक पहले था। दर्जनों जानी-मानी अदाकारा (actress) का प्रस्ताव ऑफर ठुकरा कर इसने अपना जीवनसंगीनी अपने बचपन की दोस्त साक्षी
को ही बनाया।देबड़ी मां के मंदिर में मत्था टेकना शायद ही ये कभी भूलें...

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