कौन दिशा में लेकर चल हो बिहारी भैया..


ऐसा बचपन से सुनते आ रहा हूं कि एक बिहारी के पास बैठ जाइए तो वो आपको पूरे राज्य की राजनीति के हालात स्पष्ट कर देगा, इनकी संख्या जैसे ही दो हुई पूरे देश की राजनीति का सूरत-ए-हाल आपके सामने पेश कर देंगे और गलती से इनकी तिकड़ी बन गई तो समझ जाइए का पाकिस्तान और का चीन अव का नेपाल अमेरिका और जापान की सत्ता के गलियारे में होने वाली उठापटक को आपके सामने उठा के पटक देगा। लेकिन जारी विधानसभा चुनाव में राजनीति के इन महारथियों को ऐसा सांप सूंघा है कि अब गर गलती से इनके सामने पूछ दीजिए कि का हो किसकी सरकार बना रहे हो? बेचारे बिलकुल अपने ट्रेड मार्क स्टाइल में हांथ जोड़कर मासूम सा चेहरा बनाकर भाइ अबकी तो 8 नवंबर को ही पता चल पाएगा। अब जरा सोचिए राजनीति के इन पंडितों का यह हाल तब है जब 243 विधानसभा में 131, 38 जिलों में 22 और लगभग 55 फीसदी मतदाताओं ने अपने मत को दान कर चुके हैं।
    सोशल मीडिया पर जाइए तो हर पार्टी के झंडाबरदार अपने-अपने पार्टी का झंडा पहिले से ही बुलंद किए हुए हैं। अरे इतना तो छोड़िए ई लोग तो मुख्यमंत्री से कवीना मंत्री तक के नाम का निर्धारण कर चुके हैं। न्यूज चैनल  को देखिए तब ई तो अलगे कन्फूजिया रहे हैं, इन लोगों का अपना-अपना ओपीनियन पोल है, कोई दूल्हा के सर पर सेहरा बांधने में लगा है, तो कोई सहवाला की अगुवाई वाली पार्टी को ही विजयी बनाने में लगा है। अरे सबसे दिलचस्प तो ई बुद्धिजीवी लोगों की व्याख्या है।  अपने- अपने कॉलम में ई लोग ऐसा-ऐसा तर्क रखते हैं कि जिनको पढ़ो वही लगता है कि अरे ई तो सहीये बोल रहे हैं। अब ऐसे में जरा सोचिए नै नै विचारिए कि मुझ जैसे आम बिहारी का क्या हाल हो रहा होगा, जो न तो किसी राजनीतिक पार्टी का समर्थक है, फिलहाल न ही औरों की तरह यह भी सही से नहीं समझ पाता है कि अबकी उंट किस करवट बैठेगा, और न ही तथाकथित बुद्धिजीवी है, लेकिन हां बिहारी जरूर है। और उ भी नॉन रेजीडेंट बिहारी।
  फिलहलाल नाम तो याद नहीं आ रहा लेकिन कोई बड़के पत्रकार थे जिनके कॉलम में मैंने पढ़ा था “Bihar is mother of Election.”  लेकिन जिस तरह से बिहार के बाहर के लोगों को बिहार चुनाव में दिलचस्पी देख रहा हूं , अब मुझे यह कहने में कोई संदेह नहीं है  कि हां ''बिहार चुनाव की जननी है''।
और अंत सब भैवा लोगन से एक ही सवाल की :
कउन दिशा में लेके चल हो बिहारी भैया
मन भरमाए दिल घबराए इ डगरिया...........
   

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