राहुल गांधी इतना भर से खुश हो लिए कि उन्होंने पत्रकार की हवा निकाल दी
राहुल गांधी पहली बार बकौल पूर्व सांसद शुक्रवार को मीडिया से रू-ब-रू हुए। कांग्रेस मुख्यालय में उन्होंने कहा-वे डरेंगे नहीं। लड़ेंगे। इस दौरान राहुल गांधी ने एक बड़ा मुद्दा उठाया। पीएम से सवाल पूछा- शेल कंपनियों द्वारा अडानी समूह में लगाए गए 20 हजार करोड़ रुपए कहां से आए? इसके बाद की लगभग सारी बातों को उन्होंने बस दोहराया भर। जिसका सार बस इतना सा है कि मोदी और अडानी का रिश्ता क्या कहलाता है?
राहुल गांधी को डिस्क्वालिफाई किए जाने के बाद इस बात की चर्चा तेज है कि इससे राहुल मजबूत होंगे। बकौल सियासी पंडित उनका डिस्क्वालिफिकेशन उन्हें ताकतवर बनाएगा। विपक्षी पार्टियां एकजुट होंगी। ये कांग्रेस के लिए एक अवसर है।
लेकिन कैसे?
प्रेस कांफ्रेंस में राहुल गांधी से पूछा गया कि विपक्षी पार्टियों ने आपके डिस्क्वालिफिकेशन पर आपका साथ दिया है, इस पर आप क्या कहेंगे? राहुल गांधी ने इस सवाल को बस एक लाइन में समेट दिया। केवल शुक्रिया भर कह के। इसके बाद उन्होंने बस इतना कहा कि हम एक साथ लड़ेंगे। जबकि ये बड़ा मुद्दा है। कांग्रेस लगातार इस मसले पर अपना विचार स्पष्ट करने से बच रही है।
इस मुद्दे पर कांक्रेस की उदासीनता से 2024 लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकजुटता के अभियान को इसका धक्का भी पहुंच रहा है। पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का कांग्रेस से मोहभंग हुआ। इसके बाद तेलंगाना के मुख्यमंत्री केसीआर का। बिहार के मुख्यमंत्री बड़ी उत्साह के साथ विपक्षी एकजुटता का संदेश लेकर कांग्रेस के नेताओं से मिले थे। मुलाकात के बाद लगातार उनकी चुप्पी बता रही है के कांग्रेस अलग पथ पर है। इधर सियासी गलियारे में विपक्षी गठबंधन पर रोज नए सियासी चर्चे शुरू हो रहे हैं।
प्रेस कांफ्रेंस के आखिर में एक और घटना हुई। बार-बार स्पष्ट जवाब नहीं मिलने पर तीन पत्रकार ने उनसे एक सवाल पूछे। बीजेपी आप पर ओबीसी का आपमान किया है। इस पर राहुल खिज गए। पत्रकारों को पार्टी विशेष का एजेंट बता दिए। दम भर सुनाने के बाद बोले कि हवा निकाल गई। सर, पत्रकारों का काम है सवाल पूछने का। हम पूछेंगे। जवाब देना या नहीं देना आपका अधिकार है।
बाकी अभी राहुल गांधी के सामने सबसे बड़ी चुनौती संवैधानिक और कानूनी तौर पर खुद को बचाना है।

Badhiya lekhni hai
ReplyDeleteबहुत-बहुत शुक्रिया। हौसलाफ्जाई करते रहिएगा...
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